ब्रेकिंग: बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी प्रकरण: प्रमोद नौटियाल की जमानत अर्जी खारिज, फिलहाल पुरसारी जेल में ही रहेंगे
बदलता गढ़वाल न्यूज,
चमोली,25 जुलाई।
बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी एवं कथित हेराफेरी प्रकरण में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। जिला एवं सत्र न्यायालय, चमोली ने मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल प्रमोद नौटियाल की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत के इस आदेश के बाद प्रमोद नौटियाल फिलहाल चमोली जिले की पुरसारी जिला कारागार में ही रहेंगे। अगली जमानत याचिका कब दायर की जाएगी, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने जमानत याचिका खारिज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि न्यायालय ने आरोपी की बेल अर्जी नामंजूर कर दी है। ऐसे में प्रमोद नौटियाल न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि मामले की जांच एसआईटी द्वारा लगातार विभिन्न पहलुओं से की जा रही है और जांच अभी जारी है।
गौरतलब है कि बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन और चोरी के मामले की जांच के दौरान एसआईटी ने सबसे पहले तत्कालीन अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मिले सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई। एसआईटी का दावा है कि कुछ सीसीटीवी फुटेज में आरोपी कथित रूप से चढ़ावे की नकदी अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिया, जिसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।
प्रमोद नौटियाल बदरी-केदार मंदिर समिति के तत्कालीन अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निजी सचिव के रूप में कार्यरत थे। एसआईटी ने उन्हें 8 जुलाई को दर्ज मुकदमे की जांच आगे बढ़ाते हुए पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद न्यायालय में पेश किए जाने पर उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इसके बाद से वह पुरसारी जेल में बंद हैं।
जांच आगे बढ़ने पर एसआईटी ने पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान से भी लंबी पूछताछ की। बाद में उन्हें भी मामले में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें भी न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वर्तमान में दोनों आरोपी पुरसारी जिला कारागार में हैं।
जानकारी के अनुसार, एसआईटी स्टॉक रजिस्टर, चढ़ावा अभिलेख, सीसीटीवी फुटेज, जब्त दस्तावेजों तथा बदरी-केदार मंदिर समिति में तैनात कर्मचारियों से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही और पूरे घटनाक्रम की कार्यप्रणाली क्या थी।
शनिवार को प्रमोद नौटियाल की जमानत याचिका खारिज होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना होगा। मामले की जांच अभी जारी है और एसआईटी का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।