अस्पताल के अंदर घूम रहे आवारा पशु, मरीजों की सुरक्षा पर उठे सवाल
बदलता गढ़वाल न्यूज,
थराली/गिरीश चंदोला।
अस्पताल को स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से सबसे संवेदनशील स्थानों में माना जाता है। यहां बीमार मरीजों का इलाज होता है, दवाइयां रखी जाती हैं और प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं के साथ नवजात शिशुओं की देखभाल भी की जाती है। इसके बावजूद थराली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के परिसर में आवारा पशुओं की आवाजाही व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
चमोली जिले के थराली विकासखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आवारा पशु खुलेआम परिसर में घूमते नजर आ रहे हैं। यह स्वास्थ्य केंद्र तीन विकासखंडों के लोगों के लिए प्रमुख चिकित्सा केंद्र है। रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और तीमारदार यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में आवारा पशुओं की मौजूदगी से संक्रमण फैलने के साथ ही मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
अस्पताल परिसर में दवाइयों और चिकित्सा सामग्री के साथ मरीजों का आना-जाना लगातार बना रहता है। वहीं, अस्पताल में प्रसव भी होते हैं और नवजात शिशुओं को भी उपचार एवं देखभाल की जरूरत होती है। ऐसे संवेदनशील परिसर में आवारा पशुओं का पहुंचना अस्पताल प्रबंधन और संबंधित जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में आवारा पशुओं की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। अस्पताल में प्रवेश करने वाले पशुओं को रोकने के साथ परिसर की नियमित निगरानी भी जरूरी है, ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी या संक्रमण का खतरा न रहे।
अब सवाल यह है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर आवारा पशु आखिर कैसे पहुंच रहे हैं और उन्हें रोकने के लिए जिम्मेदार विभाग की ओर से क्या व्यवस्था की गई है? मरीजों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में जिम्मेदारी तय कर प्रभावी कार्रवाई कब होगी, यह देखने वाली बात होगी।
सीएमओ डॉ. राजीव सिंह पॉल ने बताया कि अस्पताल परिसर के अंदर आवारा पशुओं के घूमने की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। यदि अस्पताल परिसर में आवारा पशु घूम रहे हैं तो यह बेहद चिंताजनक मामला है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन से जानकारी ली जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।