नंदा देवी बड़ी जात का 12 वर्षों बाद विधिवत शुभारंभ जागरों के साथ मां नंदा को कैलाश के लिए किया विदा, हजारों की संख्या में पहुंचे लोग
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बदलता गढ़वाल न्यूज,
नंदानगर (चमोली)।
हिमालय महाकुंभ के नाम से प्रसिद्ध मां नंदा देवी की ऐतिहासिक बड़ी जात यात्रा का शनिवार को 12 वर्षों के बाद विधिवत एवं भव्य शुभारंभ हुआ। मां नंदा की डोली को पारंपरिक जागरों और भक्तिमय माहौल के बीच कैलाश के लिए विदा किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु मां नंदा के दर्शन और विदाई के लिए उमड़े। पूरे क्षेत्र में मां नंदा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
मां नंदा की विदाई के दौरान ध्याणियों की आंखें भी नम हो गईं। सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार ध्याणियों ने मां नंदा को भावपूर्ण विदाई दी और उनकी सुख-समृद्धि की कामना की। इस भावुक पल ने मौजूद श्रद्धालुओं को भी भावविभोर कर दिया।
नंदा देवी बड़ी जात यात्रा 5 सितंबर से 30 सितंबर तक आयोजित की जाएगी। विदाई के दौरान दशोली परगना, बधाण परगना और ब क्षेत्र की डोली कैलाश के लिए विदा हुई। यात्रा के दौरान विभिन्न पड़ावों से होते हुए मां नंदा की डोली अपने अंतिम पड़ाव की ओर प्रस्थान करेगी। 20 सितंबर को नवमी के दिन होमकुंड में विधि-विधान के साथ मां नंदा को कैलाश के लिए विदा किया जाएगा। इसके बाद 30 सितंबर को बड़ी जात यात्रा का विधिवत समापन होगा।
बड़ी जात यात्रा का प्रथम पड़ाव उस्तोली गांव है, जहां रात्रि में मां नंदा की डोली का प्रवास होगा। शनिवार सुबह से ही मंदिर में कुल पुरोहितों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान मां नंदा से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की गई।
नंदा देवी बड़ी जात केवल एक धार्मिक यात्रा ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, आस्था और सदियों पुरानी परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। 12 वर्षों के बाद आयोजित हो रही इस यात्रा को लेकर क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।