सड़क के अभाव में प्रसूता को डंडी-कंडी से पहुंचाना पड़ा अस्पताल, एरेठा गांव में फिर उजागर हुई बदहाल व्यवस्था

बदलता गढ़वाल न्यूज,
देवाल/गिरीश चंदोला।

विकासखंड देवाल के दूरस्थ एरेठा गांव में सड़क सुविधा के अभाव ने एक बार फिर ग्रामीणों की पीड़ा को सामने ला दिया।

प्रसव पीड़ा से जूझ रही 34 वर्षीय गम्मोती देवी पत्नी प्रकाश राम को ग्रामीणों ने डंडी-कंडी के सहारे कई किलोमीटर पैदल मार्ग से मुख्य सड़क तक पहुंचाया, जिसके बाद उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल ले जाया गया। यहां महिला ने एक स्वस्थ नवजात को जन्म दिया। चिकित्सकों के अनुसार जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

ग्राम प्रधान राजेंद्र कुमार टम्टा ने बताया कि एरेठा, ग्राम सभा औडर का अनुसूचित जाति बाहुल्य तोक है, जहां 60 से अधिक परिवारों की करीब 250 की आबादी निवास करती है।

गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए देवाल से पदमला-कंजेरू-एरेठा-औडर तक करीब 8 किलोमीटर मोटर मार्ग को 15 दिसंबर 2021 को स्वीकृति मिली थी, लेकिन आज तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

ग्रामीणों के अनुसार पदमला क्षेत्र में कुछ स्थानों पर भूमि विवाद और खेतों से सड़क गुजरने को लेकर आपत्तियां उठने के कारण निर्माण कार्य अटक गया।

बाद में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) द्वारा करीब एक वर्ष पूर्व दोबारा सर्वेक्षण भी किया गया, लेकिन सर्वे के बाद भी सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।

ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय समन्वय की कमी के चलते सड़क निर्माण अधर में लटका हुआ है। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि अब इस सड़क का कार्य पीएमजीएसवाई के माध्यम से किया जाना है,

जबकि पीएमजीएसवाई अधिकारियों का कहना है कि वन भूमि संबंधी स्वीकृतियां और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही सड़क कटिंग का कार्य शुरू किया जा सकता है।
रविवार को सामने आई यह घटना एक बार फिर पहाड़ के दूरस्थ गांवों में मूलभूत सुविधाओं की कमी को उजागर करती है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने के कारण बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को आज भी जान जोखिम में डालकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। उन्होंने शासन-प्रशासन से शीघ्र सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।

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