वाण में मिलीं नंदा की डोलियां, जयकारों से गूंजा गांव
बधाण की नंदा देवी की डोली से दशोली-बंड और ज्वाल्पा देवी की डोलियों व छंतोलियों का भावपूर्ण मिलन
गुरुवार को गैरोलीपातल पहुंचेगी देव यात्रा, बड़ी संख्या में श्रद्धालु वेदनी बुग्याल में डटे
बदलता गढ़वाल न्यूज,
थराली/देवाल।
बधाण परगना की श्री राजराजेश्वरी नंदा देवी की लोकजात यात्रा बुधवार देर शाम लाटू धाम वाण पहुंची। यहां दशोली और बंड परगना की नंदा देवी की डोलियों, ज्वाल्पा देवी की डोली और विभिन्न छंतोलियों का बधाण की नंदा डोली से भावपूर्ण मिलन हुआ। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाण पहुंचे। देवी डोलियों के मिलन के दौरान पूरा क्षेत्र नंदामय हो उठा और देर रात तक मां नंदा के जयकारे गूंजते रहे।
बधाण की नंदा देवी की डोली अपने 12वें पड़ाव मंदोली से लोहाजंग और कर्जाबगड़ होते हुए वाण पहुंची। दशोली, बंड और ज्वाल्पा देवी की डोलियां वाण की सीमा में पहले ही पहुंच गई थीं, लेकिन बधाण की डोली के देवी चौक में पहुंचने के बाद ही सभी डोलियां और छंतोलियां एक साथ वहां पहुंचीं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं पर देवी अवतरित हुईं और वे काफी देर तक नृत्य करते रहे।
वाण में करीब 15 हजार से अधिक नंदा भक्तों के पहुंचने की बात कही जा रही है। श्रद्धालुओं के साथ बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, राजनेता और अधिकारी भी वाण में डटे हैं।
इनमें थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री बलवीर घुनियाल, सीएम कोऑर्डिनेटर दलवीर दानू, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, एसडीएम थराली यशवीर सिंह, तहसीलदार अक्षय पंकज और थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया समेत अन्य लोग शामिल हैं।0लाटू देवता मंदिर समिति के अध्यक्ष कृष्णा बिष्ट, ग्राम प्रधान नंदुली बिष्ट और ग्रामीणों ने नंदा भक्तों का स्वागत किया।
*आज गैरोलीपातल पहुंचेगी यात्रा*
गुरुवार को लाटू देवता मंदिर वाण में पूजा-अर्चना के बाद देव यात्रा लाटू देवता के निशान की अगुवाई में रणकाधार और नीलगंगा होते हुए पहले निर्जन पड़ाव गैरोलीपातल पहुंचेगी। इसके बाद यात्रा वेदनी बुग्याल की ओर बढ़ेगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहले ही वेदनी बुग्याल में टेंट लगा चुके हैं और देव यात्रा के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
*पहली बार द्यौसिंह देवता की जन्मभूमि में रुकी डोली*
मंदोली में द्यौसिंह देवता की जन्मभूमि पर नंदा देवी राजराजेश्वरी की उत्सव डोली पहली बार कुछ समय के लिए रुकी। यहां नंदा और द्यौसिंह देवता के भक्तों ने पूजा-अर्चना कर मनौतियां मांगीं। लाटू क्षेत्र के धावक एवं मंदोली निवासी कलम सिंह बिष्ट ने बताया कि द्यौसिंह देवता लाटू देवता की तरह मां नंदा की यात्रा की अगुवाई करते हैं। ग्रामीणों के प्रयास से पहली बार द्यौसिंह देवता की जन्मभूमि पर नंदा डोली को रोका गया, जहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।