पीपलकोटी की बेटी ने बिना कोचिंग रोज 10 से 12 घंटे पढ़ाई कर हासिल की सफलता, असफलताओं के बाद भी नहीं टूटा हौसला, बनी सप्लाई इंस्पेक्टर
पिता की चाय की दुकान से पीसीएस सप्लाई इंस्पेक्टर तक पहुंची दृष्टि
असफलताओं से नहीं टूटा हौसला, सप्लाई इंस्पेक्टर बनी दृष्टि
बदलता गढ़वाल,
पीपलकोटी।
पिता की छोटी-सी चाय की दुकान पर हाथ बंटाते हुए प्रशासनिक सेवा का सपना देखने वाली पीपलकोटी की बेटी दृष्टि शाह ने आखिरकार अपनी मेहनत को मुकाम तक पहुंचा दिया। दृष्टि शाह ने पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर सप्लाई इंस्पेक्टर के पद पर चयन हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ ही पीपलकोटी और पूरे बंड क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
दृष्टि की सफलता केवल प्रतियोगी परीक्षा में चयन की कहानी नहीं है, बल्कि यह पारिवारिक जिम्मेदारियों, सीमित संसाधनों, असफलताओं और लगातार किए गए संघर्ष के बीच लक्ष्य हासिल करने की कहानी है।
2022 से शुरू की तैयारी
दृष्टि की प्रारंभिक शिक्षा हिमालय उदय चिल्ड्रन एकेडमी, पीपलकोटी से हुई। इसके बाद उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज पीपलकोटी से शिक्षा प्राप्त की और देहरादून के डीबीएस कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई पूरी की।
प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना लेकर उन्होंने वर्ष 2022 से सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया और स्वाध्याय के जरिए तैयारी की। प्रतिदिन 10 से 12 घंटे की पढ़ाई उनकी दिनचर्या का हिस्सा रही।
मां की जिम्मेदारी के बीच जारी रखी पढ़ाई
दृष्टि की मां लंबे समय से दिव्यांग हैं। चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर की दृष्टि ने पढ़ाई के साथ परिवार की जिम्मेदारियों में भी सहयोग किया। घर के काम में हाथ बंटाने के साथ वह छुट्टियों में पिता की चाय की दुकान पर भी सहयोग करती थीं।
उनकी दो बड़ी बहनें भी सरकारी सेवा में हैं। एक बैंक में पीओ हैं, जबकि दूसरी वन विभाग में वन आरक्षी के पद पर कार्यरत हैं।
कई बार मिली असफलता, फिर भी जारी रखा प्रयास
सफलता से पहले दृष्टि को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने यूपीएससी सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की, लेकिन शारीरिक परीक्षा में कुछ सेकंड के अंतर से चयन से चूक गईं। उत्तराखंड पीसीएस 2024 की अंतिम मेरिट सूची में भी कुछ अंकों से उनका चयन नहीं हो पाया।
वीडीओ और वीपीडीओ परीक्षाओं में उनका नाम अभिलेख सत्यापन के लिए आया, लेकिन मंजिल अभी दूर थी। उन्होंने असफलताओं को रुकावट मानने के बजाय अपनी तैयारी जारी रखी और अंततः पीसीएस परीक्षा में सप्लाई इंस्पेक्टर पद हासिल किया।
‘पूरे बंड क्षेत्र के लिए गौरव की बात’
बंड संगठन के पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह ने दृष्टि शाह की सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच दृष्टि ने जिस तरह मेहनत कर सफलता हासिल की, वह पूरे बंड क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उनकी सफलता क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायक है।
उन्होंने कहा कि असफलताओं के बावजूद दृष्टि ने अपना प्रयास नहीं छोड़ा और लगातार मेहनत जारी रखी। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि लक्ष्य स्पष्ट हो तो कठिन परिस्थितियां भी आगे बढ़ने से नहीं रोक सकतीं।
रामलीला में लक्ष्मण की भूमिका से भी मिली पहचान
दृष्टि पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं। पीपलकोटी की ऐतिहासिक रामलीला में उन्होंने महिला पात्र के रूप में लक्ष्मण की भूमिका निभाई थी। अपने पिता प्रमोद शाह के साथ प्रस्तुत परशुराम-लक्ष्मण संवाद को दर्शकों ने खूब सराहा।
जनसेवा को बताया प्राथमिकता
दृष्टि शाह ने अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर, दादी, माता-पिता, परिवार, गुरुजनों, मित्रों और शुभचिंतकों को दिया है। उनका कहना है कि परिवार का सहयोग और दादी का प्रोत्साहन उनके लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहा।
सप्लाई इंस्पेक्टर के पद पर चयन के बाद दृष्टि ने कहा कि सरकारी सेवा में उनकी प्राथमिकता जनता की सेवा करना और अपने दायित्वों का ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ निर्वहन करना रहेगा।
पीपलकोटी की दृष्टि शाह की उपलब्धि बंड क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बनी है। उन्होंने साबित किया है कि सीमित संसाधनों और जिम्मेदारियों के बीच भी निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति दृढ़ता से सफलता हासिल की जा सकती है।