एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की एक टुकड़ी थराली में हो तैनात : अतिवृष्टि के बाद प्रशासन को रहना चाहिए तैयार

बदलता गढ़वाल न्यूज,
थराली/गिरीश चंदोला।

आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील माने जाने वाले चमोली जनपद के थराली विधानसभा क्षेत्र में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की स्थायी तैनाती की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही अतिवृष्टि, भूस्खलन और नदी-नालों के उफान की घटनाओं को देखते हुए स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से बरसात के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए थराली में एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की एक-एक टुकड़ी तैनात करने की मांग की है।

चमोली जनपद का थराली विधानसभा क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। सरकार और प्रशासन इस क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों एवं आपदा संबंधी चुनौतियों से भली-भांति परिचित हैं। लंबे समय से स्थानीय लोगों की मांग रही है कि बरसात के मौसम में संभावित आपदाओं से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा पूर्व तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। क्षेत्र में हर वर्ष बरसात के दौरान भूस्खलन, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने, सड़कें बाधित होने और अन्य आपदाजनित घटनाओं का खतरा बना रहता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि थराली सहित आसपास के क्षेत्रों में आपदा जैसी स्थिति अक्सर उत्पन्न होती रहती है। ऐसे में सरकार और प्रशासन को आपसी समन्वय बनाकर बरसात से पूर्व आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें।

गौरतलब है कि बीते बृहस्पतिवार की मध्यरात्रि को विकासखंड नारायणबगड़ क्षेत्र में हुई भारी बारिश ने तबाही का मंजर पैदा कर दिया। अतिवृष्टि के कारण नारायणबगड़ मुख्य बाजार में भारी मात्रा में मलबा आ गया, जिससे कई आवासीय भवनों और दुकानों में मलबा घुस गया तथा कई वाहन मलबे में दब गए। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग भी पूरी तरह से बाधित हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश इतनी तेज थी कि मात्र आधे घंटे के भीतर ही पूरा नारायणबगड़ बाजार जलमग्न हो गया और धीरे-धीरे मलबे ने दुकानों व आवासीय भवनों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। इस दौरान लोग पूरी रात दहशत के साए में रहने को मजबूर रहे।

घटना की सूचना मिलने पर सुबह उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह राजस्व टीम के साथ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। वहीं, लगभग पांच घंटे के लंबे इंतजार के बाद बीआरओ की टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए आंशिक रूप से सुचारु किया। हालांकि, भारी मात्रा में मलबा आने के कारण बीआरओ की टीम लगातार मौके पर मौजूद रहकर हाईवे से मलबा हटाने का कार्य कर रही है।

क्षेत्रीय जनता का कहना है कि हालिया घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि थराली विधानसभा क्षेत्र में आपदा प्रबंधन के लिए स्थायी रूप से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती अब समय की आवश्यकता बन चुकी है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा सकें।

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