जोशीमठ: संस्कृत छात्र प्रतियोगिता के द्वितीय दिवस पर विभिन्न प्रतियोगिताएं हुई आयोजित।

संस्कृत छात्र प्रतियोगिता के द्वितीय दिवस पर विभिन्न प्रतियोगिताएं हुई आयोजित।

जोशीमठ।

बद्रीनाथ वेद वेदांग संस्कृत विद्यालय जोशीमठ में उत्तराखंड संस्कृत अकादमी द्वारा आयोजित संस्कृत छात्र प्रतियोगिता के द्वितीय दिवस का उद्घाटन पूर्व धर्माधिकारी आचार्य भुवन चन्द्र उनियाल ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ माँ सरस्वती के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्वलित कर किया उन्होंने अपने सम्बोधन में संस्कृत को ज्ञान ,विज्ञान की भाषा बताया विशिष्ट अतिथि राजकीय महाविद्यालय के असिटेंट प्रोफेसर डॉक्टर चरणसिंह केदारखण्डी ने कहा कि संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति एक दूसरे का पर्याय हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत में भी भारत अपने सम्पूर्ण स्वरूप में अभिव्यक्त होता है। केदारखण्डी ने संस्कृत भाषा को लेकर महर्षि श्रीअरविन्द के विचारों की मीमांसा करते हुए कहा कि श्रीअरविन्द संस्कृत को भारत की राष्ट्रभाषा बनते हुए देखना चाहते थे। उन्होंने कहा कि ज्योतिर्मठ की गरिमा के अनुकूल इस तरह के आयोजनों से नगर में संस्कृत और संस्कृति के लिए वातावरण निर्मित होता है।

आज कनिष्ट वर्ग की प्रतिस्पर्धा सम्पन्न हुई। खंण्ड संयोजक और प्रधानाचार्य अरविंद प्रकाश पंत ने समस्त अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के माध्यम से उत्तराखंड सरकार संस्कृत के प्रसार और प्रचार के लिये प्रतिबद्ध है,तथा इस प्रकार के कार्यक्रमों से संस्कृत तथा संस्कृति के प्रसार की चेतना का विस्तार होगा।

समापन समारोह में पुरुस्कार वितरण किया गया। पुरुस्कारों की घोषणा खंण्ड सयोंजक द्वारा की गई। वरिष्ठ वर्ग में संस्कृत नाटक में श्री बदरीनाथ वेदवेदांगसंस्कृत विद्यालय जोशीमठ प्रथम , समूह गान श्री बदरीनाथ वेदवेदांग संस्कृत विद्यालय प्रथम, द्वितीय स्थान संस्कृत महाविद्यालय,
तृतीय सरस्वती विद्या मंदिर ने प्राप्त किया।

समूह नृत्य में प्रथम श्री बदरी नाथ वेदवेदांग संस्कृत विद्यालय, द्वितीय आदर्श बालिका इंटर कालेज, तृतीय राजकीय इंटर कालेज जोशीमठ ने प्राप्त किया।

वाद विवाद में संस्कृत विद्यालय के नितिन प्रसाद सती एवम रोहित थपलियाल प्रथम तथा संस्कृत महाविद्यालय के प्रदीप चंद्र पीयूष चंद्र ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

आशुभाषण में प्रथम मनीष डिमरी तथा वेदांत सती द्वितीय, सरस्वती विद्या मंदिर के अमन पंवार तृतीय रहे। श्लोकोच्चारण में प्रथम संस्कृत महा विद्यालय के मनीष डिमरी, द्वितीय संस्कृत विद्यालय के वेदांत सती, सरस्वती विद्या मंदिर के कुमारी आशा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कनिष्ट वर्ग के समूह गान में प्रथम राजकीय बालिका इंटर कालेज एवम माधवाश्रम विद्यालय ने प्रथम, द्वितीय बालिका इंटर कालेज, तृतीय स्थान पर एम जी इंटर कालेज रहे।

वाद विवाद में प्रथम संस्कृत विद्यालय के छात्र श्लोक मैठाणी सुजल स्थान प्राप्त किया। आशु भाषण में सरस्वती विद्या मंदिर द्वितीय, माधवाश्रम तृतीय, संस्कृत विद्यालय रहे।
श्लोकोचारण में संस्कृत विद्यालय के दीपेश द्वितीय स्थान पर दो विद्यालय स्वामी प्रवनानंद और ज्योति विद्यालय रहे।

कवि श्री भगत सिंह राणा ‘हिमाद’, श्रीमती आशा पंवार, श्री लक्ष्मी प्रसाद त्रिपाठी ने प्राप्त निर्णयों की समीक्षा की तथा गौर सिंह खत्री ने समस्त प्रतिभागियों और प्रभारी शिक्षक शिक्षिकाओं को धन्यवाद ज्ञापित किया ।

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