भालू और लंगूरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग, पैनखण्डा क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उठाई ठोस कार्रवाई की मांग
बदलता गढ़वाल न्यूज,
जोशीमठ।
जोशीमठ पैनखण्डा क्षेत्र में भालुओं और लंगूरों के बढ़ते आतंक को लेकर क्षेत्रवासियों में चिंता बनी हुई है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता पुष्कर सिंह भुजवाण के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर क्षेत्रवासियों को वन्यजीवों के आतंक से निजात दिलाने तथा सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम किए जाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि जोशीमठ नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन भालुओं के हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही पशुधन की सुरक्षा को लेकर भी भय का माहौल बना हुआ है। भालुओं के डर के कारण विद्यार्थियों को भी विद्यालय आने-जाने में जोखिम उठाना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि लगातार घटनाओं के बावजूद वन विभाग की ओर से अपेक्षित सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने भालुओं के आतंक से प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी गश्त, निगरानी तथा आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
ज्ञापन में वन्यजीव हमलों में घायल व्यक्तियों को मिलने वाली मुआवजा राशि बढ़ाकर पांच लाख रुपये किए जाने तथा मृत पशुओं के मुआवजे में भी बढ़ोतरी करने की मांग की गई है।
इसके साथ ही क्षेत्रवासियों ने जोशीमठ नगर क्षेत्र में बाहर से लाकर छोड़े गए लंगूरों के कारण स्थानीय लोगों की फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 की आपदा से प्रभावित जोशीमठ क्षेत्र के लोगों के सामने पहले से ही कई चुनौतियां हैं, ऐसे में फसलों को लंगूरों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।
क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पैनखण्ड जोशीमठ क्षेत्र में भालुओं और लंगूरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं तथा इन वन्यजीवों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में सामाजिक कार्यकर्ता पुष्कर सिंह भुजवाण ने क्षेत्रवासियों की ओर से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।