आजादी के 75 साल बाद भी सड़क से वीरान ईराणी गांव, बीमार महिला को कुर्सी में लाए 10 किलोमीटर पैदल।

बदलता गढ़वाल: आजादी के 75 साल बाद भी सड़क से वीरान पाणा-ईराणी गांव, बीमार महिला को कुर्सी में लाए 10 किलोमीटर पैदल।

आखिर कब तक गर्भवती और बीमार व्यक्तियों को कुर्सी के सहारे पहुंचाएंगे अस्पताल।

गोपेश्वर। चमोली जनपद के सुदूरवर्ती क्षेत्र दशोली विकास खण्ड के ईराणी गांव में महिला का स्वास्थ्य खराब होने के कारण ग्रामीणों ने 10 किमी तक पैदल पथरीले रास्तों से सड़क तक पहुंचाया। यहां से वाहन की मदद से उन्हें स्वास्थ्य की सुविधा के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया। क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय नेगी ने कहा कि गांव की 61 वर्षीय शंकरीदेवी पत्नी नत्थी सिंह की तबियत अचानक बिगड जिसके बाद हर बार की तरह गांव के युवा बुजुर्ग बीमार महिला को 10 किमी डंडी के सहारे कंधों पर उठाकर मुख्य मार्ग तक लाये और देश 75वां अमृत महोत्सव मनाने जा रहा है। वहीं गांव में आज भी लोग बीमार, बुजुर्ग व गर्भवती महिलाओं को ग्रामीण कंधों पर लादकर ले जा रहे हैं।

जहां सरकार वोट के दौरान झूठे वादे व मूलभूत सुविधाओं के लिए दावे करते रहे हैं। जो कि सरकार के दावों की पोल खोलती है।पूर्व विधायक व प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भटट वर्तमान विधायक पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र भण्डारी क्षेत्र में सडक निर्माण को लेकर कई बार दावे कर चुके हैं लेकिन वर्तमान समय तक भी पाणा ईराणी गांव में सडक निर्माण न होने के चलते बीमार, गर्भवती और घायल लोगों की जान बचाना उन्हें सही समय इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन जाती है, क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय नेगी बताते हैं कि नेताओं के झूटे आश्वासन से उनकी उमीदें टूट गई, और बडे आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर तारेंद्र सिंह, बीरेन्द्र सिंह, प्रकाश सिंह, सोहन सिंह, बलवीर सिंह, मनवर सिंह, सचिन आदि मौजूद रहे।

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed