आउटसोर्स व्यवस्था से निजात दिलाने की मांग, बीआरपी-सीआरपी को विभाग से सीधे नियमित वेतन भुगतान का मुद्दा उठा

बदलता गढ़वाल न्यूज,
देहरादून।

समग्र शिक्षा के अंतर्गत आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत बीआरपी (ब्लॉक रिसोर्स पर्सन) एवं सीआरपी (क्लस्टर रिसोर्स पर्सन) कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता यश बिष्ट ने शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बीआरपी-सीआरपी कर्मचारियों को आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से वेतन दिए जाने की व्यवस्था को समाप्त कर विभाग द्वारा सीधे एवं नियमित वेतन भुगतान किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

ज्ञापन में कहा गया कि बीआरपी एवं सीआरपी कर्मचारी समग्र शिक्षा के तहत शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कर्मचारियों द्वारा लगातार अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा है। स्कूलों का भ्रमण, शैक्षिक मॉनिटरिंग, शिक्षकों के साथ समन्वय, विभागीय रिपोर्टिंग सहित विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन नियमित रूप से किया जा रहा है। इसके बावजूद कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है।

ज्ञापन में बताया गया कि बीआरपी-सीआरपी कर्मचारियों को पिछले करीब दो माह से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। लंबे समय से वेतन लंबित होने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नियमित सेवाएं देने के बावजूद वेतन के लिए आउटसोर्स कंपनी पर निर्भरता कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।

सामाजिक कार्यकर्ता यश बिष्ट ने शिक्षा मंत्री के समक्ष कहा कि जब बीआरपी-सीआरपी कर्मचारियों से समग्र शिक्षा के महत्वपूर्ण कार्य लगातार लिए जा रहे हैं, तो उनके वेतन भुगतान की व्यवस्था भी पारदर्शी और नियमित होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों को आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से वेतन देने के बजाय विभाग द्वारा सीधे वेतन भुगतान की व्यवस्था लागू की जाए।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि आउटसोर्स व्यवस्था के कारण कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय स्तर से सीधे भुगतान होने पर कर्मचारियों को नियमित रूप से वेतन मिलने के साथ ही भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

इसके अलावा ज्ञापन में वेतन में कथित अनियमित कटौती, वेतन पर्ची उपलब्ध नहीं कराए जाने तथा सेवा शर्तों से संबंधित समस्याओं का भी उल्लेख किया गया। इन मामलों की जांच कर कर्मचारियों को आवश्यक राहत प्रदान करने की मांग की गई है।

यश बिष्ट ने शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि बीआरपी-सीआरपी सहित समग्र शिक्षा के अंतर्गत आउटसोर्स व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने लंबित वेतन का तत्काल भुगतान कराने के साथ ही भविष्य में वेतन भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए विभागीय स्तर पर नियमित भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी।

ज्ञापन में यह भी जोर दिया गया कि कर्मचारियों को उनके कार्य और जिम्मेदारियों के अनुरूप समय पर वेतन मिलना आवश्यक है। वेतन भुगतान में देरी का सीधा असर कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। ऐसे में लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान कर कर्मचारियों को राहत प्रदान की जानी चाहिए।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए मामले में जल्द उचित कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। मंत्री के आश्वासन के बाद बीआरपी-सीआरपी कर्मचारियों को अपने लंबित वेतन सहित अन्य समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है।

बीआरपी-सीआरपी कर्मचारियों से जुड़े इस मुद्दे के सामने आने के बाद अब कर्मचारियों की नजर विभाग की आगामी कार्रवाई पर है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेते हुए वेतन भुगतान की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और नियमित बनाया जाएगा।

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