स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर युवाओं का अल्टीमेटम, 10 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना और क्रमिक अनशन की चेतावनी
बदलता गढ़वाल न्यूज,
गिरीश चंदोला/चमोली।
सीमांत क्षेत्र थराली में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की समस्याओं को लेकर युवाओं और जनप्रतिनिधियों का आक्रोश बढ़ने लगा है। अस्पताल में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी तथा बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के अभाव से नाराज क्षेत्र के युवाओं नेअब शासन-प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इस संबंध में मंगलवार को उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर स्वास्थ्य व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि थराली और आसपास का पूरा पर्वतीय क्षेत्र अत्यधिक संवेदनशील एवं आपदाग्रस्त है।
ऐसे में यहां की अधिकांश आबादी आपातकालीन परिस्थितियों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली पर निर्भर रहती है। इसके बावजूद अस्पताल लंबे समय से डॉक्टरों और आवश्यक चिकित्सा स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए भी मरीजों को मीलों दूर दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और कई बार समय पर उपचार नहीं मिलने से उनकी जान पर भी बन आती है।
युवाओं ने सीएचसी थराली के उच्चीकरण, पर्याप्त चिकित्सकों एवं मेडिकल स्टाफ की तैनाती, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। उन्होंने शासन-प्रशासन से इन मांगों पर तत्काल सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की है।
10 नवंबर से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी
ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि शासन-प्रशासन ने इन महत्वपूर्ण मांगों पर शीघ्र संज्ञान लेकर कार्रवाई नहीं की तो 10 नवंबर 2026 से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली परिसर में अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना और क्रमिक अनशन शुरू कर दिया जाएगा। युवाओं ने कहा कि आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था अथवा किसी मरीज को स्वास्थ्य संबंधी असुविधा होने की स्थिति में इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ज्ञापन पर युवामोर्चा मंडल अध्यक्ष थराली संजय जोशी , पवन रावत , हरेन्द्र बिष्ट, दिवाकर नेगी, कैलाश जोशी, योगेश देवराड़ी ,अधिवक्ता जयराम ,राजेश चौहान इसके साथ ही ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत के प्रतिनिधियों ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई है।