*फूलदेई पर प्राथमिक विद्यालय पानीगैर के बच्चों ने देहरियों पर डाले फूल*।


*फूलदेई पर प्राथमिक विद्यालय पानीगैर के बच्चों ने देहरियों पर डाले फूल*।

नन्दप्रयाग। सीमांत क्षेत्र घाट ब्लॉक के पानीगैर प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रकृति को समर्पित लोक पर्व फूलदेई के अवसर पर गांव में घूमकर प्रत्येक घरों में डाले फूल, उपहार में मिला दाल, चावल, गुड और मिठाइयां। विद्यालय में कार्यरत्त स0 अध्यापक किशोर लाल ने सभी बच्चों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी।


बसंत ऋतु पर्व पर ठंड सर्दी और गर्मी के मध्य का लुभावना मौसम फ्यूंली व बुरांस के गहरे पीले लाल और सफेद फूल के साथ नौनिहालों के हंसते मुस्कुराते चेहरे जी हां यही है प्रकृति का आभार प्रकट करने वाला लोक पर्व फूलदेई की पहचान।
उत्तराखंड के पहाड़ों में आज लोकपर्व फूलदेई की धूम रही। सुबह सूर्योदय के साथ छोटे – छोटे बच्चों की टोलियां घर – घर की देहरियों पर रंग बिरंगे पुष्पों खासकर फ्यूंली बुरांस के फूलों से सजी टोकरियों से फूल बिखेरते हुए प्रकृति को समर्पित लोकगीत गाकर, घर की खुशहाली सुख समृद्धि का आशीर्वाद देते नजर आए। जिसके एवज में बच्चों को चावल,दाल,गुड,तेल,मिठाई,के साथ फुलारी के रूप में भेंट दक्षिणा भी मिली।

गांव व कस्बों में आज बच्चे इस फूलदेई पर्व को लेकर काफी उत्साहित नजर आए। पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर जब बर्फ पिघलने लगती है, शीतकाल के दिन गुजर जाते हैं और पहाड़ों में राज्य वृक्ष बुरांश के लाल पुष्पों और पीले फ्योंली के फूलों की बहार आने लगती है। ऐसे में पूरे पहाड़ी क्षेत्र की खुशहाली सुख समृद्धि की कामना के लिए ही यह प्रकृति लोक पर्व फूलदेई मनाया जाता है।

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