अच्छी ख़बर: भरसार विश्वविद्यालय में चमकी बंड की बेटी इशिता नेगी, बीएससी हार्टिकल्चर में रजत पदक
बंड की इशिता नेगी को बीएससी हॉर्टिकल्चर में सिल्वर मेडल
भरसार विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सम्मानित, क्षेत्र में खुशी
बदलता गढ़वाल न्यूज,
चमोली।
सीमांत जनपद चमोली के बंड क्षेत्र की रैतोली गांव निवासी इशिता नेगी को बैचलर ऑफ साइंस हॉर्टिकल्चर (ऑनर्स) में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सिल्वर मेडल प्रदान किया गया। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार, पौड़ी गढ़वाल के तृतीय दीक्षांत समारोह में वानिकी, औद्यानिकी और कृषि संकाय के 283 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह का शुभारंभ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।

दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण और रजत पदक से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में इशिता नेगी को बीएससी हॉर्टिकल्चर (ऑनर्स) में रजत पदक प्रदान किया गया।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन में नई जिम्मेदारियों की शुरुआत भी है। उन्होंने विद्यार्थियों की उपलब्धियों को उनके परिश्रम, समर्पण और अनुशासन का परिणाम बताया।

इशिता नेगी की इस सफलता को क्षेत्र में पहाड़ की बेटियों के लिए प्रेरक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इशिता के पिता गुरुवेंद्र नेगी वर्तमान में ज्योतिर्मठ में शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता रेखा नेगी गोपेश्वर में शिक्षिका हैं।
बेटी की उपलब्धि पर पिता गुरुवेंद्र नेगी ने खुशी जताते हुए कहा कि इशिता ने परिवार के साथ ही गांव, बंड क्षेत्र, चमोली और उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। वहीं इशिता ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में बंड क्षेत्र की एक अन्य बेटी आंचल फर्स्वाण ने भी फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड का खिताब जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया था। अब इशिता नेगी की शैक्षणिक उपलब्धि ने एक बार फिर क्षेत्र की बेटियों की प्रतिभा को नई पहचान दी है।