लोकजात में शामिल होने का सीएम को न्योता, कुरुड़ में होगा ऐतिहासिक नंदा देवी मेला

बदलता गढ़वाल न्यूज,
नंदानगर(चमोली)/गिरीश चंदोला।

सिद्धपीठ कुरुड़ में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक श्री नंदा देवी राजराजेश्वरी सांस्कृतिक एवं पर्यटन मेले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शामिल होने का न्योता दिया गया है। थराली विधायक भूपाल राम टम्टा ने देहरादून में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें मेले का आमंत्रण पत्र सौंपा।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट और पूर्व मेला कमेटी अध्यक्ष राकेश गौड़ भी मौजूद रहे। विधायक ने मुख्यमंत्री से मेले में पहुंचकर मां नंदा देवी का आशीर्वाद लेने और कार्यक्रम में प्रतिभाग करने का आग्रह किया।

*कुरुड़ से शुरू होती है नंदा देवी की लोकजात*

चमोली के कुरुड़ स्थित सिद्धपीठ नंदा देवी मंदिर को नंदा देवी लोकजात यात्रा का प्रमुख पड़ाव माना जाता है। यहां से मां नंदा की डोली के साथ लोकजात की परंपरा आगे बढ़ती है। यात्रा में चमोली ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल होते हैं।

नंदा देवी राजराजेश्वरी की लोकजात उत्तराखंड की लोक आस्था, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा है। यात्रा के दौरान जगह-जगह ग्रामीण पारंपरिक वाद्ययंत्रों, लोकगीतों और नृत्यों के साथ मां नंदा का स्वागत करते हैं।

*कब से कब तक होगी यात्रा*
इस वर्ष नंदा देवी लोकजात यात्रा 5 सितंबर से 25 सितंबर तक प्रस्तावित है। यात्रा विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए अपने अंतिम धार्मिक पड़ाव की ओर बढ़ेगी। इस दौरान कई स्थानों पर धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

*कुरुड़ में ऐतिहासिक मेला, आस्था के साथ दिखेगी पहाड़ की संस्कृति*

सिद्धपीठ कुरुड़ में आयोजित होने वाला श्री नंदा देवी राजराजेश्वरी सांस्कृतिक एवं पर्यटन मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि पहाड़ की लोक संस्कृति और परंपराओं का भी प्रमुख मंच है। मेले में दूर-दराज के गांवों से लोग पहुंचते हैं। स्थानीय उत्पादों, लोक कला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए पहाड़ की परंपराओं की झलक भी देखने को मिलती है।

*विधायक बोले, मेले को भव्य बनाने के प्रयास*
विधायक भूपाल राम टम्टा ने कहा कि नंदा देवी राजराजेश्वरी मेला चमोली की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा आयोजन है। मेले को बेहतर और भव्य स्वरूप देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री को आमंत्रित करने का उद्देश्य भी इस ऐतिहासिक आयोजन में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करना है।

कुरुड़ में मां नंदा के जयकारों के साथ शुरू होने वाली यह यात्रा पहाड़ की सदियों पुरानी आस्था और लोक परंपरा को आगे बढ़ाती है। श्रद्धालुओं को इस बार भी लोकजात में बड़ी संख्या में शामिल होने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed