दर्शनशास्त्र और साहित्य में है गहरा अंतरसम्बन्ध : डॉ हरिओम रावत*

श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय परिसर, गोपेश्वर के अंग्रेजी विभाग में बुधवार को एक आमंत्रित व्याख्यान आयोजित किया गया।

बदलता गढ़वाल न्यूज,
गोपेश्वर।

साहित्य और दर्शन विषय पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राजकीय महाविद्यालय थलीसैण के अंग्रेजी प्रोफेसर डॉ हरिओम रावत रहे। उन्होंने दर्शन और साहित्य के बीच गहरे संबंधों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार साहित्य मानवीय विचारों और कल्पनाओं का सशक्त माध्यम है तथा दर्शन इन विचारों को दिशा प्रदान करता है।

डॉ. रावत ने विभिन्न साहित्यिक कृतियों एवं दार्शनिक दृष्टिकोणों के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को विषय की गहराई से समझ विकसित करने हेतु प्रेरित किया।

प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपने विचार रखे एवं जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम संयोजक अंग्रेजी विभाग के सहायक प्रोफेसर दर्शन सिंह नेगी ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों की विषय के प्रति रुचि को और बढ़ाते है।

इस अवसर पर डॉ राजेश चन्द्रियाल, डॉ दिनेश पंवार, डॉ सौरभ कुमार, डॉ दिग्पाल कंडारी, मोहित कोठियाल, प्रेम सिंह आदि उपस्थित रहे।

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